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के जीवन फिजूल सुुंदर रस हे आँख हे सृष्टि चक्रवात हे प्रिय मैं तुम्हारा भार कैसे चुका पाऊँगा| hindikavita हिंदी कविता 52weekswritting हे भगवान रूह जय जय हे माँ सरस्वती आँख love storymirror

Hindi हे जीवन Poems